Thursday, July 09, 2015

हाइकु सुगंधा

हाइकुकार- सन्तोष कुमार सिंह
संस्करण- प्रथम 2015
मूल्य- 50 रुपए
प्रकाशक- साहित्य संगम प्रकाशन, मथुरा (उ०प्र०)

"हाइकु सुगंधा" सन्तोष कुमार सिंह का हाइकु संग्रह है जो अभी हाल ही में मथुरा से प्रकाशित हुआ है। इसमें कुल  280 हाइकु हैं।  इस संग्रह से चार हाइकु-

खड़ी उदास
गाँव में ही प्यासी
पानी की टंकी


भगा देता है
चाँद को तालाब से
एक कंकड़


उतर आये
कपास के खेत में
लाखों सितारे


रोके न रुके
झरने का आक्रोश
तोड़े पहाड़

Tuesday, April 02, 2013

मुखर मौन


       
मुखर मौन

हाइकुकार- श्याम खरे
संस्करण-2005
मूल्य- 40 रुपए
प्रकाशक- साहित्य संगम ‘श्रमफल’
1520-सुदामानगर, इंदौर-9

मुखर मौन-श्याम खरे की 162 हाइकु कविताओं का संग्रह है। अपने आस-पास के सामाजिक परिवेश के साथ-साथ अनेक मानवीय स्थितियों के चित्रण इन हाइकु कविताओं में किए गए हैं। जहाँ सामाजिक व राजनैतिक विसंगतियों पर भी हाइकुकार ने अनेक प्रश्न उठाए हैं, वही प्रकृति के विशुद्ध चित्रण भी हाइकु कविताओं में हुए हैं। जिन हाइकुओं में उपदेश या समसामयिक व्यंग्य को अधिक महत्व न देकर अनुभूति के किसी क्षण विशेष का चित्रण जाता है, वह एक अच्छा हाइकु माना जाता है। ऐसे ही कुछ हाइकु इस संग्रह में भी हैं-

ओस की बूँद
पत्तों पे मोती दिखे
हाथ में पानी

ले कर आई
वंसत की आहट
तुम्हारी याद

शिशु मुस्काएँ
आँखों से प्रभु कहे
यही तो हूँ मैं

सूरज पूछे
शबनम के स्वप्न
बिखरे कैसे?

वृक्ष छूटते
पैरों से रौंदी जाती
सूखी पत्तियाँ

-( हाइकु दर्पण अंक - 6 से )
 
                 

मोनालिसा की मुस्कान


मोनालिसा की मुस्कान
हाइकुकार- नीलमेन्दु सागर
संस्करण-2005, मूल्य- 125 रुपए
प्रकाशक- इलावर्त प्रकाशन, कृष्णदेवालय
ए-एस गली नं0-1, शिवगार्डन
सादतपुर, दिल्ली-94
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हाइकु कविता के साथ पूरी गम्भीरता से जुड़े नीलमेन्दु सागर का दूसरा हाइकु संग्रह मोनालिसा की मुस्कान‘ उनकी 505  हाइकु कविताओं का संग्रह है। प्रकाशित होने वाले तमाम हाइकु संग्रहों की भीड़ में मोनालिसा की मुस्कान रेगिस्तान में मरुद्यान की भाँति है। इस संग्रह में अनेक श्रेष्ठ व प्रभावशाली हाइकु हैं। 
कुछ हाइकु दृष्टव्य हैं-
 अकेली चिड़ी 
 जा बैठी ठूँठ पर 
 शाम बासंती!   

 उतरे मेघ
 थरथराती पत्ती
 नहाते पेड़

 कृष्णाभ पेड़
 उबटन लगाती
धूप महरी

छींकती चली
 कार्तिक की सुबह 
गंगा नहाने   

 दूब के आँसू
 पोंछ बडे़ प्यार से
 हँसी सुबह

 फिर खिला है
 दूधिया कचनार
 या तुम हँसी  

सूरज गिरा 
परकटा परिन्दा 
झील रक्त  

हवा डाकिया 
बाँटता पीतपत्र 
बसंतोत्सव

-( हाइकु दर्पण अंक - 6 से )

Saturday, December 08, 2012

स्वर विविध क्षण बोध के


स्वर विविध क्षण बोध के - डा० मिथिलेश दीक्षित
(हाइकु संग्रह)

डा० मिथिलेश दीक्षित, 536 A/2, शिकोहाबाद
संस्करण-प्रथम- 1996 ई0
पेपरबैक, पृ०-80
मूल्य- 60 रुपए

लहरों पर धूप


लहरों पर धूप - डा० मिथिलेश दीक्षित
(हाइकु संग्रह)

उत्तरायण प्रकाशन, एम-168 आशियाना, लखनऊ-226012
संस्करण-प्रथम-2011 ई0
पक्की जिल्द, पृ०-88
मूल्य- 200 रुपए

एक पल के लिए


एक पल के लिए - डा० मिथिलेश दीक्षित
(हाइकु संग्रह)

माण्डवी प्रकाशन, 88 रोगनग्रान, देहली गेट, गाजियाबाद
संस्करण-प्रथम-2011 ई0
पक्की जिल्द, पृ०-96
मूल्य- 200 रुपए

ISBN-81-8212-096-9

अमर बेल


अमर बेल - डा० मिथिलेश दीक्षित
(हाइकु संग्रह)

माण्डवी प्रकाशन, 88 रोगनग्रान, देहली गेट, गाजियाबाद
संस्करण-प्रथम-2011 ई0
पक्की जिल्द, पृ०-80
मूल्य- 200 रुपए

ISBN-81-8212-095-0

तराशे पत्थरों की आँख


तराशे पत्थरों की आँख - डा० मिथिलेश दीक्षित
(हाइकु संग्रह)

माण्डवी प्रकाशन, 88 रोगनग्रान, देहली गेट, गाजियाबाद
संस्करण-प्रथम-2010 ई0
पक्की जिल्द, पृ0-96
मूल्य- 150 रुपए
ISBN-81-8212-041-1

सदा रहे जो


सदा रहे जो - डा० मिथिलेश दीक्षित
(हाइकु संग्रह)

माण्डवी प्रकाशन, 88 रोगनग्रान, देहली गेट, गाजियाबाद
संस्करण-प्रथम-2010 ई0
पक्की जिल्द, पृ0-96
मूल्य- 150 रुपए
ISBN-81-8212-040-3

Friday, December 07, 2012

आस्था के दीप


आस्था के दीप - सन्तोष कुमार सिंह
साहित्य संगम प्रकाशन, बी-45, मोतीकुंज एक्स0, मथुरा (उ0प्र0)
संस्करण-प्रथम-2002 ई0, पेपर बैक, पृ0-32
मूल्य- 25 रुपए। 

 हाइकु कविता के संग्रह निरन्तर प्रकाशित हो रहे हैं। वर्ष 2002 के जाते-जाते सन्तोष कुमार सिंह का प्रथम हाइकु संग्रह ‘आस्था के दीप’ प्रकाशित हुआ है। संग्रह में कुल 300 हाइकु कविताएँ हैं।  हाइकुकार ने जहाँ चिंतन की अतल गहराई में डूबकर किसी बिंब को हाइकु का रूप दिया है, वे हाइकु अच्छे हाइकु के रूप में अपनी पहचान बनाएँगे। कुछ हाइकु दृष्टव्य हैं-

  काँस हैं फूले / वया ने डाल दिये / पेड़ों पे झूले। (पृ0- 14)

  गाँव का हुक्का / महफिल की शान / बढ़ाये मान।   (पृ0-20)

  पेंजनी बजीं / उमड़ पड़ा सिन्धु / ममता भरा।       (पृ0-22)

  झाँझी तू बोल / गुम हो गये कैसे / टेसू के बोल।   (पृ0-27)

  दुखी हो गात / अमावस सी लगे / चाँदनी रात।     (पृ0-29)

 32 पृष्ठ के पेपर बैक संस्करण का मूल्य मात्र 25 रुपए हैं। 


-(हाइकु दर्पण, अंक - 03 से साभार)